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Toper Students 1st Prof. Batch 2021
Toper Students 2nd Prof. Batch 2021
Toper Students 1st Prof. Batch 2022
One Day workshop on "Biomedical waste Management (19.08.2026)
- जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट की परिभाषा एवं प्रकार।
- जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट का स्रोत पर पृथक्करण (Segregation at Source)।
- विभिन्न रंगों के डस्टबिन/बैग में अपशिष्ट का उचित निस्तारण।
- पीले, लाल, सफेद एवं नीले रंग के कंटेनरों का उपयोग।
- अस्पताल में अपशिष्ट के सुरक्षित संग्रहण एवं परिवहन की प्रक्रिया।
- संक्रमित एवं धारदार अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया।
- स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का महत्व।
- सुई एवं अन्य Sharps से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम।
- जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव।
- अस्पताल में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन हेतु आवश्यक अभिलेख एवं निगरानी व्यवस्था।
Anandi Maa Cancer Mukt Abhiyan Awareness Programe (18.08.2026)
NABH Workshop (07.08.2026)
A successful NABH–QCI Workshop was organized by Vivek Multispeciality Hospital at Vivek College of Ayurvedic Sciences & Hospital, Bijnor, with the participation of 95 delegates. The workshop was initiated with the valuable support and guidance of Amit Sir, whose encouragement made this prestigious event possible.
The workshop marked a significant milestone, as it was the first NABH–QCI workshop conducted in Western Uttar Pradesh, providing participants with valuable national-level exposure. The event also strengthened the relationship between our institution and the Quality Council of India (QCI), creating a meaningful platform for future collaboration.
The keynote speakers delivered insightful sessions on NABH standards, quality improvement, and healthcare excellence. Participants actively engaged throughout the workshop, gaining practical knowledge and a deeper understanding of quality accreditation processes.
- Speaker’s:
- Dr. Shakti Dutt Sharma principal assessor
- Mr.Uzair Rehmani(Core Program Analyst NABH-QCI)
- Mr. Mohammed Uwaish (Program Coordinator NABH-QCI)
एक दिवसीय सीएमई कार्यशाला (25.07.2026)
विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइसेस एण्ड हॉस्पिटल, बिजनौर के तत्वावधान में श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा० लि० झांसी के सहयोग से “हृदय आरोग्यम” विषय पर एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आयुर्वेद के माध्यम से हृदय रोगों की रोकथम एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर चिकित्सकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को नवीन जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ महालक्ष्मी एस ने बताया कि हृदय रोगों के कारण, जोखिम कारकों, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन तथा आयुर्वेदिक जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही हृदय स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान साझा की गई। स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन की ओर से सभी चिकित्सकों को सम्मानित किया गया साथ ही बीएएमएस बैच 2020 के अंतिम वर्ष में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सभी शिक्षक, इंटर्न एवं छात्र/छात्राये उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा बैद्यनाथ की ओर से आये अतिथियों का आभार व्यक्त किया। क कार्यक्रम का संचालन डॉ० राहुल निगम द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ० सुनील, डॉ० सतोष, डॉ० बालेश का विशेष योगदान रहा।
Toper Students 2nd Prof. Batch 2022
Toper Students 1st Prof. Batch 2023
Toper Students 1st Prof. Batch 2024
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस आयोजन (10.09.2026 to 23.09.2026)
विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज एण्ड हॉस्पिटल, बिजनौर में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस–2026 का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा स्वस्थ जीवनशैली में आयुर्वेद की उपयोगिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धन्वंतरि के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, चिकित्सक, इंटर्न एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा, स्वस्थवृत्त, दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार एवं रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनाने तथा समाज में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भाषण, पोस्टर एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की गई। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं औषधियों के महत्व के संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी प्रदान की गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस–2026 का आयोजन विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के माध्यम से “स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस आयोजन (10.09.2026 to 23.09.2026)
विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज एण्ड हॉस्पिटल, बिजनौर में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस–2026 का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा स्वस्थ जीवनशैली में आयुर्वेद की उपयोगिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धन्वंतरि के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, चिकित्सक, इंटर्न एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा, स्वस्थवृत्त, दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार एवं रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनाने तथा समाज में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भाषण, पोस्टर एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की गई। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं औषधियों के महत्व के संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी प्रदान की गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस–2026 का आयोजन विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के माध्यम से “स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
शैक्षणिक व्याख्यान (30.09.2026)
“स्वर्णप्राशन का वैज्ञानिक प्रमाणीकरण”
यह व्याख्यान वैद्य अभय नारायण तिवारी द्वारा दिया गया। उन्होंने ‘स्वर्णप्राशन’ की आयुर्वेदिक अवधारणा और इसके वैज्ञानिक प्रमाणीकरण पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने इसके शास्त्रीय आधार, समकालीन शोध दृष्टिकोणों, और बच्चों के स्वास्थ्य तथा निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) में इसकी संभावित प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। इससे छात्रों और संकाय सदस्यों (फैकल्टी) को पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक शोध पद्धतियों के बीच के संबंध को समझने का अवसर मिला। व्याख्या की शैक्षणिक प्रासंगिकता, स्पष्टता और इसमें दी गई बहुमूल्य जानकारियों के लिए संकाय सदस्यों और छात्रों ने इसकी सराहना की।
Transitional Curriculum Programme Inauguration (02.11.2026)
Transitional Curriculum Programme Inaugurated for Newly Admitted BAMS Batch 2026–27 at Vivek College of Ayurvedic Sciences and Hospital, Bijnor, organized Transitional Curriculum Programme for the newly admitted BAMS students of the academic session 2026–27 on November 2, 2026, with great enthusiasm and academic spirit.
The programme aimed to familiarize newly admitted students with the fundamentals of Ayurveda, the structure of the BAMS course, institutional facilities, academic practices, professional ethics, and the responsibilities of becoming a competent Ayurvedic physician.
The programme commenced with the traditional lighting of the ceremonial lamp by Shree Amit Goel, Chancellor of Vivek University, Bijnor, Prof. Dr. Debasis Panigrahi, Principal VCASH, Bijnor and Dhanwantari Vandana, for a successful academic journey.
During the programme, students were introduced to the rich heritage and fundamental principles of Ayurveda, its importance in the present healthcare system, and the contributions of great Ayurvedic scholars such as Acharya Charaka and Acharya Sushruta. Faculty members provided insights into the BAMS curriculum, teaching-learning methodologies, academic activities, practical training, and the importance of interdisciplinary learning.
Special emphasis was laid on maintaining discipline, punctuality, regular attendance, personal hygiene, professional conduct, and respect towards teachers and fellow students. Students were also sensitized to the importance of communication skills, teamwork, compassion, and ethical values in the medical profession.
The faculty members motivated the students to develop a scientific attitude, dedication towards learning, and a strong commitment to patient care and community service. They highlighted that becoming a successful Ayurvedic physician requires not only academic excellence but also discipline, empathy, integrity,
Introduction to Vivek College of Ayurvedic Science & Hospital, the college aims to provide quality education in this ancient practice while instilling values of wellness and natural healing.
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